
नई दिल्ली, 20 और 21 सितम्बर को नेशनल क्राईम रिकार्ड ब्यूरो नई दिल्ली मे 23वीं ऑल इंडिया फिंगर प्रिंट डायरेक्टर्स कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस कॉन्फ्रेंस में मध्यप्रदेश का नेतृत्व डायरेक्टर फिंगर प्रिंट एल.के. दुबे, उप पुलिस अधीक्षक मनोज सिंह राजपूत, उप पुलिस अधीक्षक निधि श्रीवास्तव और निरीक्षक फिंगर प्रिंट अखिलेष चौकसे ने किया गया। कॉन्फ्रेंस मे नेफिस सॉफ्टवेयर के सुचारू संचालन, अपराधियों के बायोमैट्रिक रिकार्ड के संग्रह से संबंधित एस.ओ.पी. तैयार करने एवं राज्यों के फिंगर प्रिंट ब्यूरो के निर्बाध कार्य करने के लिये फिंगर प्रिंट विशेषज्ञों के प्रशिक्षण सहित विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।
इस कॉन्फ्रेंस में ‘‘स्मार्ट यूज ऑफ फिंगर प्रिंट साइंस इन इन्वेस्टिगेशन‘‘ पर विभिन्न राज्यों द्वारा प्रजेन्टेशन दी गयी। मध्यप्रदेश से अति. पुलिस महानिदेशक एस.सी.आर.बी. चंचल शेखर (भा.पु.से.) और अति. पुलिस महानिदेशक जबलपुर जोन जबलपुर उमेश जोगा (भा.पु.से.) के निर्देशन एवं पुलिस अधीक्षक जबलपुर सिद्धार्थ बहुगुणा (भा.पु.से.) के मार्गदर्शन में निरीक्षक अखिलेश चौकसे ने प्रजेन्टेशन दिया। जो कि थाना कुरई जिला सिवनी के अपराध क्रमांक 235/22 धारा 302, 201 भादवि में नेफिस सिस्टम के ज़रिये पूरे भारत में पहले अज्ञात मृतक की पहचान किए जाने पर आधारित थी। इस प्रेजेंटेशन को राष्ट्रीय स्तर पर दूसरा स्थान मिला। पुरस्कार एन.सी.आर.बी. के डायरेक्टर विवेक गोगिया ने दिया।

इस कॉन्फ्रेंस का उद्घाटन अजय कुमार मिश्रा गृह राज्य मंत्री भारत सरकार ने किया। जिसमें श्यामलाल मिश्रा (आई.ए.एस) ज्वाइंट सेक्रेटरी मिनिस्ट्री ऑफ स्टेट गृह मंत्रालय, विवेक गोगिया (भा.पु.से.) डायरेक्टर एन.सी.आर.बी., संजय माथुर (भा.पु.से.) ज्वांइट डायरेक्टर सी.सी.टी.एन.एस. एन.सी.आर.बी., दीपक एम. दामोर (भा.पु.से.) ज्वांइट डायरेक्टर एडमिन एनसीआरबी एवं रवीन्द्र कुमार डायरेक्टर सेन्ट्रल फिंगर प्रिंट ब्यूरो जैसे विभिन्न विभागों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।