
डिण्डौरी, हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी प्रजापिता ब्रम्हाकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय डिण्डौरी के द्वारा बस स्टेण्ड के पास शारदेय नवरात्रि पर्व के उपलक्ष्य में चैतन्य देवियों की झांकी का आयोजन किया गया। प्रतिदिन कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्जवलन कर किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक जेएन मरकाम ने दर्शनार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि ये झांकी बहुत ही अदभुंत है इसमें त्याग, तपस्या स्पष्ट रूप से झलक रहा है इससे स्व परिवर्तन की प्रेरणा मिल रही है यह जीवन जीने की कला है। वरिष्ठ कृषि अभियंता सेवा निवृत्त ओ.पी. दुबे ने भी इस दौरान अपने विचार व्यक्त किये। संस्था की संचालिका ब्र.कु. संगीता बहन ने बताया कि राजयोग की साधना से कामेन्द्रियों पर विजय प्राप्त करने से व्यसनों से मुक्त होने की शक्ति प्राप्त होती है। आपसी संबंधों में सकारात्मकता आती है। साथ ही मानवीय मूल्यों की जीवन में क्या महत्व है इसके बारे में जनसमूह को अवगत कराया। इस कार्यक्रम में अहम भूमिका निभाने वाली देवी स्वरूपा बहन प्राची तिवारी मां दुर्गा, रोशनी कुशराम माँ लक्ष्मी, लीला उइके माँ सरस्वती, रंजू मरावी ब्रम्हाकुमारी, क्रीतिका दुबे माँ शैलपुत्री, अंजू कुशराम माँ महाकाली, भूमि तिवारी माँ नर्मदा। इन सभी कन्याओं ने तीनों दिन राजयोग के अभ्यास द्वारा देव स्वरूप् धारण कर एकाग्रता का जन समूह को परिचय दिया। इस अवसर पर अध्यात्मिक चित्र प्रदर्शनी एवं व्यसन मुक्त प्रदर्शनी के द्वारा ईश्वरीय सन्देश दिया। इस कार्यक्रम में संस्थान के जिला महामंत्री अवधराज बिलैया, मेकलसुता महाविद्यालय रजिस्ट्रार प्रदीप द्विवेदी, पीएन अवस्थी, आरवी सिंह राजूशा स्कूल, पत्रकार बन्धु और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।