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बुधवार, अप्रैल 2, 2025
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इस बार ईद के मौक़े पर सलमान खान बनेंगे “सिकंदर”

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बॉलीवुड के सुपरस्टार सलमान खान (Salman Khan) और साउथ की प्रसिद्ध अभिनेत्री रश्मिका मंदाना (Rashmika Mandanna) की आगामी फिल्म ‘सिकंदर’ (Sikandar) ने अपनी रिलीज़ से पहले ही दर्शकों के बीच भारी उत्सुकता पैदा कर दी है। यह फिल्म 30 मार्च 2025 को ईद के अवसर पर सिनेमाघरों में प्रदर्शित होने जा रही है。

कहानी कुछ ऐसी है – ‘सिकंदर’ एक एक्शन-थ्रिलर फिल्म है, जिसमें सलमान खान एक बहादुर और निडर व्यक्ति की भूमिका निभा रहे हैं, जो समाज में न्याय और सच्चाई के लिए संघर्ष करता है। फिल्म की कहानी उनके संघर्ष, साहस और अदम्य इच्छाशक्ति को दर्शाती है, जो दर्शकों को रोमांचित करेगी। रश्मिका मंदाना उनकी प्रेमिका और पत्नी की भूमिका में नजर आएंगी, जो कहानी में रोमांस और गहराई लाती हैं।

स्टारकास्ट और निर्माण दल

निर्देशक: ए.आर. मुरुगादॉस (A.R. Murugadoss), जिन्होंने ‘गजनी’ (Ghajini) और ‘हॉलिडे’ (Holiday) जैसी सफल फिल्मों का निर्देशन किया है।

  • निर्माता: साजिद नाडियाडवाला (Sajid Nadiadwala), जो सलमान खान के साथ पहले भी ‘किक’ (Kick) जैसी ब्लॉकबस्टर फिल्म में काम कर चुके हैं।
  • संगीतकार: प्रीतम (Pritam), जो अपने मेलोडियस और चार्टबस्टर गानों के लिए प्रसिद्ध हैं।
  • अन्य कलाकार: काजल अग्रवाल (Kajal Aggarwal), सत्यराज (Sathyaraj), शरमन जोशी (Sharman Joshi), प्रतीक बब्बर (Prateik Babbar), अंजिनी धवन (Anjini Dhawan) और जतिन सरना (Jatin Sarna) महत्वपूर्ण भूमिकाओं में नजर आएंगे।

फिल्म में देखने मिलेगा ये – फिल्म का ट्रेलर 23 मार्च 2025 को रिलीज़ हुआ, जिसमें सलमान खान के डैशिंग अवतार और रश्मिका मंदाना के साथ उनकी केमिस्ट्री ने दर्शकों का दिल जीत लिया। लगभग 2 घंटे 20 मिनट इस फिल्म में एक्शन, रोमांस और कॉमेडी देखने को मिलेगी।

प्रशंसकों की प्रतिक्रिया – ‘सिकंदर’ को लेकर दर्शकों में भारी उत्साह है। फिल्म के ट्रेलर और गानों को दर्शकों से मिला-जुला रिस्पॉन्स मिला है। पहले रिव्यू के अनुसार, यह फिल्म विस्फोटक, तीव्र और बेहद रोमांचक है, जिसमें सलमान खान का स्वैग और रश्मिका मंदाना की ग्रेस देखते ही बनती है। यह एक 100% ओरिजिनल कहानी है और किसी साउथ फिल्म का रीमेक नहीं है।

बॉक्स ऑफिस की उम्मीदें – फिल्म से बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, ‘सिकंदर’ पहले दिन लगभग 40 करोड़ रुपये की कमाई कर सकती है, जो इसे साल की सबसे बड़ी ओपनिंग फिल्मों में से एक बना सकती है। सलमान खान और रश्मिका मंदाना की ‘सिकंदर’ अपनी स्टारकास्ट, कहानी और निर्देशन के कारण पहले ही दर्शकों के बीच चर्चा का विषय बन चुकी है। ईद (EID 2025) के मौके पर इसकी रिलीज़ से दर्शकों को एक बेहतरीन मनोरंजन की उम्मीद है।

जबलपुर के विकास के लिए महापौर ने पेश किया 1800 करोड़ रुपये का बजट

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jagat bahadur annu presenting budget 2025

शुक्रवार को नगर निगम जबलपुर के सदन में 1800 करोड़ रुपये का ऐतिहासिक और विकासोन्मुखी बजट पेश किया गया। जिसमें बताया गया कि आगामी कार्यकाल में शहर में 3000 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की योजना है, जबकि अब तक लगभग 1200 करोड़ रुपये की राशि विभिन्न परियोजनाओं में खर्च की जा चुकी है। महापौर जगत बहादुर अन्नू ने बताया कि इस वर्ष का बजट नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने, शहर के शिक्षित बेरोजगारों को रोजगार दिलाने, क्रिकेट प्रेमियों, खिलाड़ियों, कलाकारों, पर्यावरण प्रेमियों के साथ-साथ शहर के नागरिकों को राहत प्रदान करने वाला विकासोन्मुखी बजट तैयार किया गया है। इससे शहर में रहने वाले सभी वर्गो के लोगों को लाभ मिलेगा। अन्नू ने कहा कि यह बजट आम जनता को राहत देने वाला बजट साबित होगा क्योंकि किसी भी प्रकार की कोई टैक्स वृद्धि नहीं की गयी है और नागरिकों के हितों एवं आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए विकास पर आधारित एवं ऐतिहासिक रूप से नागरिकों के लिए सर्वजन हितैषी बजट पेश किया गया है। उन्होंने बताया कि इस ऐतिहासिक बजट से शहर के समस्त नागरिकों को लाभ मिलेगा।

अब तक हुए प्रमुख विकास कार्य

  • 427 करोड़ रुपये से सड़क, नाली एवं पुलिया निर्माण
  • 65.30 करोड़ रुपये की लागत से 120 उद्यानों का निर्माण
  • 8.16 करोड़ रुपये की लागत से विद्युत व्यवस्था सुदृढ़
  • 75 करोड़ रुपये की लागत से जल वितरण व्यवस्था में सुधार
  • 150 करोड़ रुपये की लागत से सफाई और अन्य विकास कार्य

आत्मनिर्भरता की दिशा में कदम

नगर निगम को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई बड़े प्रावधान किए गए हैं। बजट में टैक्स बढ़ाए बिना जनता को राहत देने की बात कही गई है। साथ ही, रोजगार सृजन की दिशा में भी विशेष ध्यान दिया गया है।

प्रमुख परियोजनाएं और योजनाएं

  • अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम: निर्माण कार्य में इस वर्ष तेजी लाई जाएगी।
  • शिक्षा एवं खेल सुविधाएं: 50 स्कूल भवनों का पुनर्निर्माण, अंतरराष्ट्रीय स्तर का स्वीमिंग पूल, 10 श्मशान घाट और 10 तालाबों का जीर्णोद्धार।
  • गौशाला निर्माण: 10 करोड़ रुपये की लागत से अत्याधुनिक गौशाला का निर्माण कार्य शुरू।
  • रोजगार सृजन: 500 दुग्ध डेयरी और डेली नीड्स की दुकानों की स्थापना से 1000 रोजगार के अवसर सृजित होंगे।
  • जल प्रबंधन: 400 करोड़ रुपये की लागत से जल संकट और जलप्लावन से राहत के लिए नई योजनाएं।
  • स्वच्छ ऊर्जा: 200 करोड़ रुपये की लागत से बायोगैस प्लांट की स्थापना।
  • परिवहन सुविधा: 100 इलेक्ट्रिक एसी सिटी बसों का संचालन शीघ्र शुरू होगा।
  • पर्यावरण संरक्षण: प्लांटेशन, बीजारोपण और वॉटर हार्वेस्टिंग पर विशेष जोर।
  • नगर सौंदर्यीकरण: आदि शंकराचार्य चौक से गौरीघाट तक रेलवे भूमि पर सड़क निर्माण।
  • महिला सशक्तिकरण: 30 करोड़ रुपये की लागत से वर्किंग वूमेन हॉस्टल का निर्माण।
  • स्लाटर हाउस स्थानांतरण: इसे शहर से बाहर ले जाया जाएगा और श्वानों का लेप्रोस्कोपिक बधियाकरण किया जाएगा।
  • धार्मिक पर्यटन: रामायण थीम पर आधारित पार्क का निर्माण प्रस्तावित।
  • खेल एवं मनोरंजन: रानीताल तालाब के समीप खेल मैदान, ऑक्सीजन जोन, नगर वन, बड़ा उद्यान और वाटर स्पोर्ट्स का विकास।
  • नगर निगम मार्केट्स का सौंदर्यीकरण: सभी दुकानों के नाम हिंदी में लिखे जाएंगे और तीन नए मार्केट बनाए जाएंगे।
  • मेट्रो बस में रियायती पास: छात्र-छात्राओं, दिव्यांगों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए विशेष रियायत।
  • सौर ऊर्जा: बिजली बचत के लिए इस वर्ष सोलर प्लांट लगाया जाएगा।

नारी सम्मान, यही महिला दिवस की असली पहचान

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इस धरती में ईश्वर की बनाई सबसे सुंदर कलाकृति औरत है । जो अपने आप में संपूर्ण है। ईश्वर तो हर जगह नहीं रह सकता इसलिए उसने सबके पास औरत के रूप में मां जैसा एक खूबसूरत तोहफा दिया है औरत के लिए कोई एक दिन नहीं बना, उसके लिए तो हर दिन महिला दिवस से कम नहीं एक नारी ही है जिसका कर्ज हम अपनी पूरी जिंदगी में कभी नहीं चुका सकते। वही जननी है उसका पूरा जीवन ही आपको योग्य, सबल, शक्तिशाली,संस्कारी बनाने में निकल जाता है । हम पूरी जिंदगी उसके कर्जदार रहेंगे एक नारी मां, बेटी, बहन, सहेली, पार्टनर हर रूप में एक शक्ति की तरह हमेशा साथ रहती है। कहते हैं ना की एक नारी चाहे तो घर को स्वर्ग और नरक दोनों बन सकती है। बिना नारी के तो ईश्वर भी शक्ति विहीन है मां सती के दक्ष यज्ञ में आत्मदाह करने पर महादेव शक्ति विहीन हो गए थे तो सोचिए कि बिना नारी के तो हमारा कोई अस्तित्व ही नहीं है यदि हम आज के समय की बात करें तो हर जगह नारी ने अपनी एक सफल जगह बना ली है निम्न स्तर से लेकर ऊंचे स्तर तक चाहे व्यवसाय हो राजनीति हो सरकारी कर्मचारियों के रूप में हो एक ग्रहणी के रूप में हो और भी सभी जगह एक विशेष भूमिका बना ली है परंतु आज के समय में हम इतने सफल जागरूक होने के बावजूद भी औरत को वह दर्ज नहीं दे पा रहे जिसकी वह हकदार है क्या आप या हम सच में एक औरत के लिए यही सोच रखते हैं कि उसके बिना हमारे जीवन का कोई अस्तित्व नहीं है यदि आप भी अपने जीवन में मां बहन पत्नी के बिना अपने आप को अधूरा समझते हैं तो सच मायने में आप ही हैं जिसके लिए हर दिन महिला दिवस है।

नगर निगम जोन क्रमांक 16 संभागीय कार्यालय क्रमांक 8 भान तलैया में अध्यक्ष पद को लेकर बन रही विवादित स्थिति

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आज गुरुवार को 3:00 बजे एमआईएम पार्टी के पार्षद के साथ कार्यकर्ता नगर निगम कार्यालय पहुंचे, कार्यकर्ताओं का कहना है कि जनवरी में नगर निगम के अध्यक्ष पद की समाप्ति हो चुकी है जिसके बाद से अब उनका अध्यक्ष यहां पर बनाया जाना है बावजूद उसके नगर निगम जोन अधिकारी की लापरवाही के चलते हैं उनके अध्यक्ष पद को अभी तक की पदभार नहीं दिया गया है जिससे परेशान एमआईएम के अध्यक्ष यहां पर अपने समर्थकों के साथ चक्कर काटने मजबूर हैं जिसको लेकर आज एक बार फिर एमआईएम पार्टी के नगर निगम अध्यक्ष पार्षद के साथ पहुंचे और जो अधिकारी से चर्चा की नगर निगम जोन अधिकारी का कहना है कि वह वरिष्ठ अधिकारियों से स्पेशल पर चर्चा करेंगे और उनके पद की नियुक्ति करवाएंगे

नर्सिंग काउंसिल की पूर्व रजिस्ट्रार अनीता चाँद निलंबित

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आज नर्सिंग काउंसिल की पूर्व रजिस्ट्रार अनीता चाँद को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई हाईकोर्ट की सख़्ती के चलते लोक स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग द्वारा की गई है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय मुख्य चिकित्सा अधिकारी जिला सिवनी निर्धारित किया गया है गौरतलब है कि नर्सिंग मामले में हाईकोर्ट की मॉनिटरिंग में चल रही सीबीआई जांच के दौरान ही नर्सिग काउंसिल में रजिस्ट्रार के पद पर पदस्थ की गई अनीता चाँद के द्वारा कई अनियमितताएँ करते हुए सत्र 2022-23 के उन नर्सिंग कॉलेजों के छात्रों के एनरोलमेंट के लिए पोर्टल खोला गया जिन कॉलेजों में सीबीआइ जांच में छात्रों का होना ही नहीं पाया गया है। साथ ही सत्र 2021-22 में जिन कॉलेजों की मान्यता समाप्त की जा चुकी थी उन कॉलेजों के छात्रों के तीन वर्ष बाद एनरोलमेंट के लिए पोर्टल खोलकर एनरोलमेंट कराये गये, इसके अलावा चाँद पर यह भी आरोप है कि नर्सिंग घोटाले में भोपाल के आरकेएस नर्सिंग कॉलेज के अनसुटेबल होने के बावजूद उसे निरीक्षण में सुटेबल बताते हुए मिथ्या निरीक्षण रिपोर्ट काउन्सिल को सौंपी गई थी। उसके बाद भी उनके विरुद्ध कार्रवाई करने के स्थान पर उन्हें रजिस्ट्रार बनाया गया था। नर्सिंग फर्जीवाड़े मैं पीआइएल लगाने वाले एडवोकेट विशाल बघेल दस्तावेजों सहित चाँद द्वारा की जा रही अनियमितताओं को हाईकोर्ट के संज्ञान में लाया गया, जिसके बाद हाईकोर्ट ने नर्सिंग काउंसिल की तत्कालीन चेयरमैन को पद से हटाने के आदेश भी दिए थे। बाद में मामले में नर्सिंग काउंसिल के सीसीटीवी फुटेज और फाइल गायब करने की जांच पुलिस कमिश्नर भोपाल और साइबर सेल को भी सौंपी गई थी जिनकी रिपोर्ट अभी आना बाकी है है। ऐसा माना जा रहा है कि रिपोर्ट आने के बाद श्रीमती चाँद की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं ।

जबलपुर में बनाई जा रही है श्री राम की सबसे बड़ी रंगोली

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जबलपुर में इन दिनों एक अनोखा नज़ारा देखने को मिल रहा है, जहां शहर की सबसे बड़ी रंगोली बनाई जा रही है। इस भव्य रंगोली को इंदौर के कलाकार तैयार कर रहे हैं। अब तक एक हज़ार किलो से अधिक रंगोली का उपयोग किया जा चुका है। इस विशाल रंगोली को बनाने के लिए 15 कलाकार लगातार 48 घंटे से कार्य कर रहे हैं। इसे जनकपुरी परिवार द्वारा तैयार किया जा रहा है, और इस भव्य कलाकृति को देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग उमड़ रहे हैं। यह रंगोली कला और समर्पण का अद्भुत उदाहरण पेश कर रही है, जो शहर में आकर्षण का केंद्र बनी हुई है।

किसलिए मनाई जाती है महाशिवरात्रि, आपको भी नहीं पता होगा ये कारण!

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क्यूँ मनाते हैं महाशिवरात्रि

हर चंद्र मास के चौदहवें दिन यानि अमावस्या से पूर्व की रात्रि को शिवरात्रि के रूप में जाना जाता है। सभी शिवरात्रियों में महाशिवरात्रि को विशेष महत्व प्राप्त है, जो फरवरी-मार्च के महीनों में आती है। यह रात्रि एक विशेष खगोलीय स्थिति को दर्शाती है, जब पृथ्वी का उत्तरी गोलार्द्ध इस प्रकार स्थित होता है कि मानव शरीर में ऊर्जा स्वाभाविक रूप से ऊपर की ओर प्रवाहित होती है। महाशिवरात्रि को एक महत्वपूर्ण अवसर के रूप में देखा जाता है, जब प्रकृति स्वयं व्यक्ति को उसकी आध्यात्मिक ऊँचाइयों तक पहुँचने में सहायता करती है। इसी कारण, इस रात को पूरी तरह से जाग्रत अवस्था में बिताने की परंपरा है। इस दौरान, रीढ़ को सीधा रखते हुए, व्यक्ति को ऊर्जाओं के इस प्रवाह का संपूर्ण लाभ उठाने का अवसर मिलता है। यह पर्व न केवल साधकों के लिए, बल्कि उन लोगों के लिए भी विशेष महत्व रखता है जो पारिवारिक जीवन जी रहे हैं या सांसारिक महत्वाकांक्षाओं में लिप्त हैं। परिवारिक रूप से, इसे भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह उत्सव के रूप में मनाया जाता है, जबकि सांसारिक दृष्टि से इसे शिव की विजय का प्रतीक माना जाता है। लेकिन साधकों के लिए यह एक अलग ही अर्थ रखता है—यह वह दिन है, जब शिव ने अपने अस्तित्व को पूर्ण रूप से स्थिर कर लिया था और कैलाश पर्वत के समान अचल हो गए थे। यौगिक परंपरा में शिव को केवल एक देवता के रूप में नहीं, बल्कि आदि गुरु (प्रथम गुरु) के रूप में पूजा जाता है। यह वही दिन था, जब ध्यान की अनगिनत सदियों के बाद, वे पूर्णतः स्थिर हो गए थे—उनके भीतर की समस्त गतिविधियाँ शांत हो गईं, और वे पूर्ण शांति और संतुलन की अवस्था में पहुँच गए। यही कारण है कि महाशिवरात्रि को ‘स्थिरता की रात्रि’ भी कहा जाता है। यदि पौराणिक कथाओं से इतर, यौगिक दृष्टिकोण से देखा जाए, तो यह दिन आध्यात्मिक साधना के अनगिनत संभावनाओं से भरा हुआ है। आधुनिक विज्ञान ने भी इस तथ्य को स्वीकार किया है कि संपूर्ण सृष्टि केवल एक ऊर्जा का विस्तार है, जो असंख्य रूपों में प्रकट होती है। यह वैज्ञानिक सत्य हर योगी के अनुभव का अभिन्न अंग है। ‘योगी’ वह है, जिसने इस अस्तित्व की एकात्मकता को अनुभव कर लिया है। योग मात्र किसी विशेष अभ्यास या तकनीक का नाम नहीं, बल्कि इस ब्रह्मांड के साथ एकत्व की अनुभूति का दूसरा नाम है। महाशिवरात्रि की रात्रि हमें इसी एकत्व की अनुभूति प्राप्त करने का दुर्लभ अवसर प्रदान करती है।

महाशिवरात्रि 2025: पूजा विधि, शुभ मुहूर्त, भद्रा काल और भद्रा की जानकारी – महाशिवरात्रि हिंदू धर्म में भगवान शिव की आराधना का प्रमुख पर्व है, जो फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है। इस वर्ष, महाशिवरात्रि 26 फरवरी 2025, बुधवार को मनाई जाएगी।

शुभ मुहूर्त:

  • चतुर्दशी तिथि प्रारंभ: 26 फरवरी 2025 को सुबह 05:20 बजे
  • चतुर्दशी तिथि समाप्त: 27 फरवरी 2025 को सुबह 07:30 बजे

महाशिवरात्रि व्रत की पूजा रात्रि के चार प्रहरों में की जाती है। प्रत्येक प्रहर का समय इस प्रकार है:

  1. प्रथम प्रहर: शाम 06:30 बजे से रात 09:30 बजे तक
  2. द्वितीय प्रहर: रात 09:30 बजे से मध्यरात्रि 12:30 बजे तक
  3. तृतीय प्रहर: मध्यरात्रि 12:30 बजे से सुबह 03:30 बजे तक
  4. चतुर्थ प्रहर: सुबह 03:30 बजे से सुबह 06:30 बजे तक

महाशिवरात्रि पर कहाँ होगी भद्रा काल

भद्रा कौन है?
भद्रा, हिंदू पंचांग के अनुसार, शनिदेव की बहन और सूर्यपुत्री छाया की संतान मानी जाती है। इसे अत्यंत क्रूर और अमंगलकारी माना जाता है। जब भद्रा काल चल रहा होता है, तब शुभ कार्य करने की मनाही होती है, क्योंकि इस दौरान किए गए कार्यों में विघ्न उत्पन्न होने की संभावना रहती है।

भद्रा की गणना कैसे की जाती है?
भद्रा, विशेष रूप से पंचांग के अनुसार, प्रत्येक तिथि के एक निश्चित भाग में रहती है। भद्रा का स्थान पृथ्वी लोक या पाताल लोक में होता है। जब भद्रा पृथ्वी लोक में रहती है, तब शुभ कार्य निषेध होते हैं, लेकिन यदि वह पाताल लोक में हो, तो शुभ कार्य किए जा सकते हैं। गणना के अनुसार रात्रि में भद्रा समाप्त हो जाएगी, इसलिए शिवरात्रि पूजन भद्रा दोष से मुक्त रहेगा। 26 फरवरी 2025 को भद्रा “पाताल लोक” में रहेगी। इसका अर्थ यह है कि इस दिन भद्रा अशुभ प्रभाव नहीं डालेगी, और महाशिवरात्रि की पूजा बिना किसी विघ्न के संपन्न की जा सकती है।

महाशिवरात्रि 2025 का भद्रा काल:

  • 26 फरवरी 2025 को भद्रा काल सुबह 05:20 बजे से शाम 06:30 बजे तक रहेगा।
  • चूंकि यह दिन के समय रहेगा, इसलिए रात्रि में शिवरात्रि पूजा भद्रा दोष से मुक्त होगी।

महाशिवरात्रि की पूजा विधि:

  1. प्रातः स्नान कर स्वच्छ वस्त्र धारण करें।
  2. व्रत का संकल्प लें और पूरे दिन उपवास रखें।
  3. रात्रि में शिवलिंग का जल, दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल से अभिषेक करें।
  4. भगवान शिव को बेलपत्र, धतूरा, आक के फूल, फल, धूप, दीप आदि अर्पित करें।
  5. ‘ॐ नमः शिवाय’ मंत्र का जाप करें।
  6. रात्रि के चारों प्रहरों में भगवान शिव की आराधना करें।
  7. अगले दिन प्रातः पारण कर व्रत समाप्त करें।

महाशिवरात्रि के दिन भगवान शिव की उपासना से विशेष फल की प्राप्ति होती है। इस दिन व्रत रखने और रात्रि जागरण करने से समस्त पापों का नाश होता है और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

ऐसे मिलेगी प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 19वीं किस्त

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Pm kisan nidhi
Pm kisan nidhi
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PM-KISAN योजना क्या है?

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना केंद्र सरकार द्वारा किसानों को वित्तीय सहायता प्रदान करने के उद्देश्य से 2019 में शुरू की गई थी। इस योजना के तहत देश के सभी पात्र किसानों को सालाना ₹6,000 की सहायता प्रदान की जाती है, जिसे तीन समान किस्तों (₹2,000 प्रति किस्त) में वितरित किया जाता है। यह धनराशि सीधे किसानों के बैंक खातों में ट्रांसफर की जाती है, जिससे किसानों को आर्थिक संबल प्राप्त होता है और उनकी कृषि से जुड़ी आवश्यकताओं को पूरा करने में सहायता मिलती है।

प्रधानमंत्री ने किया किसानों से संवाद

प्रधानमंत्री मोदी ने इस अवसर पर किसानों से संवाद भी किया और सरकार की विभिन्न योजनाओं पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सरकार किसानों की आय को दोगुना करने के लिए लगातार प्रयासरत है और PM-KISAN योजना इसका एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस योजना से छोटे और सीमांत किसानों को बड़ा फायदा हो रहा है।

लाभार्थी कैसे चेक करें कि उन्हें 19वीं किस्त मिली या नहीं?

यदि आप जानना चाहते हैं कि आपको PM-KISAN योजना की 19वीं किस्त प्राप्त हुई है या नहीं, तो आप निम्नलिखित आसान चरणों का पालन करके अपनी स्थिति ऑनलाइन जांच सकते हैं:

लाभार्थी स्थिति (Beneficiary Status) जांचने की प्रक्रिया:

  1. PM-KISAN की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं
    https://pmkisan.gov.in/
  2. ‘Know Your Status’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. रजिस्ट्रेशन नंबर या मोबाइल नंबर दर्ज करें।
    ➤ यदि रजिस्ट्रेशन नंबर उपलब्ध नहीं है, तो मोबाइल नंबर के माध्यम से भी स्थिति जांच सकते हैं।
  4. दर्ज किए गए विवरण को सत्यापित करें और ‘Get Data’ पर क्लिक करें।
  5. स्क्रीन पर आपकी भुगतान स्थिति प्रदर्शित होगी।
    ➤ यदि भुगतान किया गया है, तो ट्रांजेक्शन आईडी और तारीख दिखाई देगी।
    ➤ यदि किस्त रुकी हुई है, तो इसका कारण भी दिखाया जाएगा।

गांव की लाभार्थी सूची कैसे देखें?

यदि आप यह देखना चाहते हैं कि आपके गांव या जिले में किन किसानों को 19वीं किस्त प्राप्त हुई है, तो निम्नलिखित प्रक्रिया अपनाएं:

  1. https://pmkisan.gov.in/ वेबसाइट पर जाएं।
  2. ‘Farmers Corner’ सेक्शन में ‘Beneficiary List’ विकल्प चुनें।
  3. राज्य, जिला, तहसील, ब्लॉक और ग्राम पंचायत का चयन करें।
  4. ‘Get Report’ बटन पर क्लिक करें।
  5. लाभार्थियों की सूची स्क्रीन पर प्रदर्शित होगी।

e-KYC अनिवार्य, जल्द पूरी करें प्रक्रिया

सरकार ने PM-KISAN योजना का लाभ प्राप्त करने के लिए e-KYC अनिवार्य कर दिया है। यदि किसी किसान ने अभी तक e-KYC नहीं कराया है, तो उनकी किस्त अटक सकती है। इसलिए, जल्द से जल्द e-KYC की प्रक्रिया पूरी करना जरूरी है।

e-KYC करने की प्रक्रिया:

  1. https://pmkisan.gov.in/ वेबसाइट पर जाएं।
  2. ‘Farmers Corner’ में ‘eKYC’ विकल्प पर क्लिक करें।
  3. अपना आधार नंबर दर्ज करें और ‘Search’ पर क्लिक करें।
  4. आधार से जुड़े मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP दर्ज करें और ‘Submit’ पर क्लिक करें।
  5. प्रक्रिया पूरी होते ही e-KYC सफलतापूर्वक पूर्ण हो जाएगी।

इसके अलावा, जिन किसानों का e-KYC अपडेट नहीं हो रहा है, वे नजदीकी CSC (Common Service Center) पर जाकर अपनी e-KYC करा सकते हैं।

यदि किस्त नहीं मिली तो क्या करें?

यदि किसी लाभार्थी को 19वीं किस्त की राशि प्राप्त नहीं हुई है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं, जैसे कि:
✔ आधार नंबर की गड़बड़ी
✔ बैंक खाते से जुड़ी समस्या
✔ e-KYC न होने के कारण भुगतान अटका हुआ होना
✔ दस्तावेजों में किसी प्रकार की गलती

समस्या हल करने के लिए:

  • PM-KISAN हेल्पलाइन नंबर 155261 / 1800115526 (टोल फ्री) या 011-23381092 पर संपर्क करें।
  • अपने नजदीकी कृषि अधिकारी से संपर्क करें।
  • PM-KISAN पोर्टल पर ‘Farmer Help’ विकल्प के माध्यम से शिकायत दर्ज करें।

योजना का लाभ लेने के लिए आवश्यक शर्तें

  • लाभार्थी किसान भारत का नागरिक होना चाहिए।
  • आवेदक के पास खेती की जमीन का रिकॉर्ड होना चाहिए।
  • योजना का लाभ केवल छोटे और सीमांत किसानों को मिलेगा।
  • किसान के पास आधार कार्ड, बैंक खाता और मोबाइल नंबर होना जरूरी है।
  • कोई भी सरकारी कर्मचारी, आयकर दाता, या संवैधानिक पद पर कार्यरत व्यक्ति इस योजना का लाभ नहीं उठा सकता।

कुंभेश्वर महादेव: दुनिया की एकमात्र जिलहरी जिसमें हैं दो शिवलिंग

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मध्य प्रदेश के जबलपुर जिले में नर्मदा तट पर स्थित कुंभेश्वर महादेव मंदिर अपनी अनूठी विशेषता के लिए विश्व प्रसिद्ध है। यह मंदिर लम्हेटी गाँव में स्थित है और इसकी विशेषता यह है कि यहाँ एक जिलहरी में दो शिवलिंग स्थापित हैं। ऐसा अनोखा दर्शन दुनिया में कहीं और देखने को नहीं मिलता। यह स्थान न केवल आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण है, बल्कि रामायण कालीन इतिहास से भी गहरा संबंध रखता है।

भगवान श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा स्थापित शिवलिंग

मान्यता है कि लंका विजय के कुछ समय के बाद जब हनुमानजी भगवान शिव के दर्शन करने कैलाश पहुँचे तो नंदी ने उन्हें रोक दिया और बताया कि ब्रह्महत्या दोष के कारण वे दर्शन नहीं कर सकते। क्यूंकि रावण और उसकी सेना के वध में वे भी शामिल थे। रावण केवल एक राजा ही नहीं, बल्कि परम विद्वान ब्राह्मण और महा शिवभक्त भी था। इस दोष से मुक्त हुए बिना वे कैलाश में प्रवेश नहीं कर सकते। हनुमानजी को इस दोष से मुक्त होने के लिए नंदी ने उन्हें नर्मदा तट पर तपस्या करने की सलाह दी, क्योंकि नर्मदा को स्वयं भगवान शिव की कृपा प्राप्त थी। हनुमानजी ने तपस्या करके खुदको दोषमुक्त किया और जब वे आयोध्या पहुँचे तो उन्होंने यह वृतांत श्रीराम को सुनाया। इसके बाद श्री राम और लक्ष्मण नर्मदा तट पर आए और यहाँ शिवलिंग की स्थापना की

नर्मदापुराण में मिलता है उल्लेख

नर्मदापुराण के 84वें अध्याय में इस दिव्य स्थल का उल्लेख किया गया है। यहाँ कुंभेश्वर महादेव को ‘कपितीर्थ रामेश्वर लक्ष्मणेश्वर’ के नाम से वर्णित किया गया है, जिसमें श्री राम और लक्ष्मण के यहाँ शिवलिंग स्थापित करने की बाद कही गई है। यह नाम और घटना इस तथ्य को प्रमाणित करता है कि यह स्थान न केवल नर्मदा तट पर स्थित एक महत्वपूर्ण तीर्थस्थल है, बल्कि भगवान श्रीराम और लक्ष्मण की शिव भक्ति का भी प्रतीक है। कुंभेश्वर महादेव मंदिर की सबसे अनोखी बात यह है कि यहाँ एक ही जिलहरी में दो शिवलिंग विराजमान हैं। यह स्वरूप शिव की अद्वितीय और दुर्लभ उपस्थिति को दर्शाता है, जो संसार में और कहीं नहीं देखने को मिलता। शिवभक्तों के लिए यह स्थान एक दिव्य आस्था केंद्र बन चुका है, जहाँ आने से अद्भुत शांति और आध्यात्मिक ऊर्जा का अनुभव होता है।

12 गुना पुण्य और परंपरागत सेवा

नर्मदा पुराण में यह भी बताया गया है कि कुंभेश्वर के तट पर स्नान करने से बारह गुना पुण्य अर्जित होता है। जो कि मोक्ष प्राप्ति के लिए सहायक है। कुंभेश्वर महादेव मंदिर की सेवा की परंपरा सिया राम बाबा के द्वारा की जाती थी, जो यहाँ वर्षों तक शिव की आराधना और देखभाल में समर्पित रहे। वर्तमान में, उनकी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए उनके पोते दयाराम इस पवित्र स्थान के साथ-साथ नर्मदा परिक्रमावासियों की सेवा कर रहे हैं। उनका परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी इस मंदिर की देखभाल करता आ रहा है और श्रद्धालुओं की सेवा में लगा हुआ है।

क्यों आएँ कुंभेश्वर महादेव?

श्रीराम और लक्ष्मण द्वारा स्थापित शिवलिंग के दर्शन
दुनिया का एकमात्र मंदिर जहाँ एक जिलहरी में दो शिवलिंग हैं
नर्मदा स्नान से 12 गुणा पुण्य की प्राप्ति
प्राचीन शिवभक्ति का दिव्य स्थल
पीढ़ियों से चली आ रही परंपरागत सेवा का साक्षी स्थान

कैसे आ सकते हैं कुंभेश्वर महादेव?

जबलपुर से तिलवाराघाट पुल की ओर बढ़ने पर दाहिने हाथ में चरगवां के लिए सड़क है। जिस पर आगे बढ़ने पर नानाखेड़ा तिराहे पर न्यू भेड़ाघाट के लिए पक्की सड़क है। इस मार्ग पर आगे बढ़ने पर लम्हेटी नामक गाँव पड़ता है जहाँ यह पौराणिक महत्त्व का मंदिर स्थित है। इसके अलावा लम्हेटाघाट पर उतर कर नाव के ज़रिए यहाँ तक पहुँचा जा सकता है। कुंभेश्वर महादेव मंदिर केवल एक पवित्र मंदिर नहीं, बल्कि हिंदू धर्म, आस्था और आध्यात्मिकता का अद्भुत संगम है। भगवान शिव के इस दुर्लभ स्वरूप का दर्शन करना किसी वरदान से कम नहींजो एक बार यहाँ आता है, वह फिर बार-बार खिंचा चला आता है!

कोविड से ज़्यादा इस बीमारी ने ली लोगों की जान, जानकर चौंक जाएंगे आप!

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disease
heart disease

जब भी सबसे घातक बीमारियों की बात होती है, तो हाल के वर्षों में COVID-19 को सबसे बड़ी महामारी माना जाता है। लेकिन आपको जानकर आश्चर्य हो सकता है कि एक बीमारी ने कोविड से भी ज्यादा लोगों की जान ली है! IHME (स्वास्थ्य मेट्रिक्स और मूल्यांकन संस्थान) की ‘ग्लोबल बर्डन ऑफ डिज़ीज़ 2024’ रिपोर्टरिपोर्ट के अनुसार, हृदय रोग (Cardiovascular Diseases) दुनिया की सबसे बड़ी ‘साइलेंट किलर’ बनी हुई है। कोविड-19 से अब तक 7.89 मिलियन लोगों की मौत हुई है, लेकिन हृदय रोगों ने 19.4 मिलियन जिंदगियां लील लीं! यह आंकड़ा कोविड की मौतों से ढाई गुना ज़्यादा है!

क्या है हृदय रोग का खतरनाक सच?

19.4 मिलियन लोगों की मौत सिर्फ हृदय संबंधी बीमारियों से हुई।
➡ हर तीन सेकंड में एक व्यक्ति दिल की बीमारी के कारण दम तोड़ रहा है।
➡ गलत खानपान, तनाव, मोटापा और धूम्रपान इसे और जानलेवा बना रहे हैं।
➡ 40 साल से कम उम्र के युवा भी तेजी से शिकार हो रहे हैं!

और कौन-सी बीमारियां बनीं जानलेवा?

IHME की रिपोर्ट के मुताबिक, दुनिया भर में अन्य जानलेवा बीमारियों का भी कहर जारी है:
🔹 कैंसर – 9.89 मिलियन मौतें
🔹 क्रॉनिक रेस्पिरेटरी डिजीज़ – 4.41 मिलियन मौतें
🔹 पाचन तंत्र की बीमारियां – 2.52 मिलियन मौतें
🔹 निमोनिया और अन्य निचली श्वसन संक्रमण – 2.18 मिलियन मौतें
🔹 डिमेंशिया – 1.95 मिलियन मौतें

🚨 ये आंकड़े डराने वाले हैं, लेकिन हम इसे रोक सकते हैं!
हृदय रोगों से बचाव के लिए सतर्कता बरतना अत्यंत आवश्यक है। विशेषज्ञों के मुताबिक इस तरह के उपाय अपनाकर हृदय रोगों के जोखिम को कम किया जा सकता है:

  1. स्वस्थ आहार: फल, सब्जियाँ, साबुत अनाज, और कम वसा वाले प्रोटीन स्रोतों का सेवन करें। संतृप्त वसा, ट्रांस वसा, नमक, और शर्करा की मात्रा सीमित रखें।
  2. नियमित व्यायाम: सप्ताह में कम से कम 150 मिनट मध्यम तीव्रता वाले एरोबिक गतिविधियाँ, जैसे तेज़ चलना, साइक्लिंग, या तैराकी करें।
  3. धूम्रपान से परहेज: धूम्रपान छोड़ना हृदय स्वास्थ्य के लिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि यह रक्तचाप और हृदय गति को प्रभावित करता है।
  4. शराब का सीमित सेवन: अधिक मात्रा में शराब का सेवन हृदय रोगों का जोखिम बढ़ा सकता है; इसलिए, इसे सीमित मात्रा में ही लें।
  5. वजन नियंत्रण: संतुलित आहार और व्यायाम के माध्यम से स्वस्थ वजन बनाए रखें, जिससे हृदय पर दबाव कम होता है।
  6. तनाव प्रबंधन: योग, ध्यान, या गहरी साँस लेने की तकनीकों के माध्यम से तनाव को नियंत्रित करें, क्योंकि तनाव हृदय रोगों का एक प्रमुख कारक है।
  7. नियमित स्वास्थ्य जांच: ब्लड प्रेशर, कोलेस्ट्रॉल, और ब्लड शुगर की नियमित जांच करवाएँ ताकि किसी भी असामान्यता का समय पर पता चल सके और उपचार शुरू किया जा सके।

अस्वीकरण-यह लेख केवल सूचना प्रदान करने के उद्देश्य से प्रसारित किया गया है। इसमें उल्लिखित आँकड़े और सुझाव विभिन्न स्रोतों, जैसे कि IHME की रिपोर्टों पर आधारित हैं। हमारा न्यूज़ पोर्टल इसकी स्वतंत्र रूप से सत्यता की पुष्टि नहीं करता है। स्वास्थ्य से जुड़ा कोई भी निर्णय लेने से पहले किसी योग्य चिकित्सक या विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।