मूल्यांकन कार्य में लापरवाही के चलते 200 छात्राओं के फेल होने का है मामला

बीते दिनों शासकीय होम साइंस महिला महाविद्यालय में बीएससी पाठ्यक्रम की 200 छात्राओं के फेल होने के मामले में एनएसयूआई के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को जबलपुर पहुंचे शिक्षा मंत्री मोहन यादव को ज्ञापन सौंपा। जिसमें उन्होंने महिला महाविद्यालय की प्राचार्य पर लापरवाहीपूर्वक मूल्यांकन कार्य का आरोप लगाते हुए उन्हें हटाए जाने की मांग की।
इसके बारे में एनएसयूआई के अदनान अंसारी और देवकी पटेल ने अधिक जानकारी देते हुए बताया कि शासकीय होम साइंस महिला महाविद्यालय के परीक्षा परिणामों में गड़बड़ी के विरोध में लगातार एनएसयूआई प्रदर्शन कर रही है लेकिन प्राचार्य छात्र हित में कोई फैसला लेने के बजाय महाविद्यालय और आंदोलनकारी छात्रों पर ही कार्यवाही कर रहे हैं। साथ ही नई शिक्षा नीति लागू होने के बाद भी अधिकारियों के सकारात्मक सहयोग ना मिलने के कारण छात्रों की परेशानियों का समाधान नहीं हो रहा है क्योंकि अध्यापकों को स्वयं नवीन शिक्षा नीति की जानकारी नहीं है। छात्र संघ शुल्क लिए जाने के बाद भी लंबे समय से छात्र संघ चुनाव नहीं आयोजित करवाए जा रहे जबकि प्रदेश में अन्य चुनाव आयोजित करवाए जा रहे हैं। इसके अलावा लंबे समय से गलत रोस्टर तैयार किए जाने के कारण रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय के बैकलॉग के पद नहीं भर पा रहे हैं इसलिए रोस्टर का पुनः निर्धारण कर नियम अनुसार भर्ती शीघ्र की जाए।
प्रतिनिधिमंडल मे एनएसयूआई पूर्व प्रदेश महासचिव सागर शुक्ला, राष्ट्रीय समन्वयक देवकी पटेल, पूर्व जिला उपाध्यक्ष अदनान अंसारी, एजाज अंसारी, शफी खान, वाजिद कादरी, आकाश कुशवाहा, अंकित कोरी, शादाब अली, अभिषेक रजक, मौसम शिवहरे, सुमित कुशवाहा, राशि, सोनाली झारिया, कामिनी मिश्रा आदि मौजूद रहे।