मोबाईल में विडिओ देखते समय या इंटरनेट इस्तेमाल करते समय-समय आपने ट्रेडिंग के कई विज्ञापन देखे होंगे। इन विज्ञापनों में ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर लेन-देन करके पैसा कमाने का लालच दिया जाता है। कुछ-कुछ विज्ञापन तो जल्दी अमीर बनाने का दावा भी कर देता हैं। अगर आप इन विज्ञापनों के जाल में फंस चुके हैं या ट्रेडिंग में जाने की सोच रहे हैं तो ये खबर आपके लिए है। क्यूंकि भारतीय रिज़र्व बैंक(आरबीआई) ने 34 फोरेक्स ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स की लिस्ट जारी करते हुए उन्हें इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी है। आरबीआई ने अपनी वेबसाइट पर उन संस्थाओं की “अलर्ट लिस्ट” डाली गई है जो न तो विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम, 1999 (फेमा) के तहत विदेशी मुद्रा में सौदा करने के लिए अधिकृत हैं और न ही विदेशी मुद्रा लेनदेन के लिए इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म संचालित करने के लिए अधिकृत हैं। हालांकि आरबीआई के मुताबिक ये सूची अभी पूरी नहीं है लेकिन वर्तमान में उपलब्ध जानकारी के आधार पर जारी की गयीं हैं। आरबीआई ने चेतावनी दी है कि अलर्ट सूची में दिखाई देने वाली इकाई को आरबीआई द्वारा अधिकृत नहीं माना जाना चाहिए।
आरबीआई ने केवल आरबीआई या मान्यता प्राप्त स्टॉक एक्सचेंजों जैसे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड, बीएसई लिमिटेड और मेट्रोपॉलिटन स्टॉक एक्सचेंज ऑफ इंडिया लिमिटेड द्वारा अधिकृत ईटीपी पर ही लेन-देन की सलाह दी है।
जनता को आगाह करते हुए आरबीआई ने अपने द्वारा जारी विज्ञप्ति में कहा है कि अनधिकृत ईटीपी पर विदेशी मुद्रा या इस तरह के अनधिकृत लेनदेन के लिए धन जमा न करें। फेमा के तहत अनुमत उद्देश्यों के अलावा या आरबीआई द्वारा अधिकृत नहीं किए गए ईटीपी पर विदेशी मुद्रा लेनदेन करने वाले व्यक्ति फेमा के तहत कानूनी कार्रवाई के लिए खुद को ज़िम्मेदार होंगे।
कितनी सज़ा और जुर्माना – कानून के जानकार बताते हैं कि विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत कम से कम दो लाख रुपये का जुर्माना और कारावास् का भी प्रावधान है। आरबीआई समय-समय पर उनके द्वारा विदेशी मुद्रा लेन-देन के लिए अधिकृत संस्थाओं की सूची समय-समय पर जारी करता रहता है जो आरबीआई की वेबसाईट पर उपलब्ध रहती हैं।
आरबीआई द्वारा जारी की गई अलर्ट लिस्ट यहाँ दी जा रही है, अगर आप इनमें से किसी भी ईटीपी के जरिए लेन-देन कर रहे हैं तो विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत आप पर भी कार्यवाही की जा सकती है।
आरबीआई द्वारा जारी की गई अलर्ट लिस्ट यहाँ दी जा रही है, अगर आप इनमें से किसी भी ईटीपी के जरिए लेन-देन कर रहे हैं तो विदेशी मुद्रा प्रबंध अधिनियम, 1999 (FEMA) के तहत आप पर भी कार्यवाही की जा सकती है।
